मैंने ही अपने दोस्त को मारा, सहरसा के BJYM नेता हत्याकांड में आर्यन ने कहा- बर्थडे, पिस्‍टल व स्मैक विवाद में मर्डर

📅 September 24, 2026 🕒 8:57 am
Reporter
Report By Rahul Sharma

Saharsa BJYM Leader Murder Case: ‘मैंने ही अपने जिगरी दोस्त अभिजीत को गोली मारी है।’ यह चौंकाने वाला और सनसनीखेज कुबूलनामा है सहरसा में चर्चित भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेता अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड के मुख्य आरोपित आर्यन सिंह का। शहर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गौतम नगर बंफर चौक स्थित आवास में हुई इस खूनी वारदात की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने जब मृतक के सबसे करीबी दोस्त आर्यन को पटना से गिरफ्तार किया, तो उसने पूरे षड्यंत्र और कत्ल की खौफनाक कहानी बयां कर दी।

पुलिस की विशेष टीम ने आर्यन सिंह को पटना के बैरिया बस स्टैंड से उस वक्त घेराबंदी कर दबोचा, जब वह बस का टिकट लेकर सिलीगुड़ी फरार होने की तैयारी में था। आरोपित आर्यन सिंह मूल रूप से सुपौल जिले के लौकहा थाना अंतर्गत गढ़ बरूआरी वार्ड नंबर आठ का निवासी है और सहरसा के पंचवटी चक वार्ड 17 में रहता था। मृतक अभिजीत भी गढ़ बरूआरी का ही रहने वाला था और दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी।

बर्थडे पार्टी, चार पिस्तौल और स्मैक का नशा

एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने पुलिस के समक्ष आरोपित के इकबालिया बयान की जानकारी देते हुए बताया कि घटना की रात दोनों दोस्त साथ में एक बर्थडे पार्टी में शामिल हुए थे। पार्टी खत्म होने के बाद आर्यन अपने दोस्त अभिजीत के घर पर ही रुक गया। तड़के करीब चार बजे आर्यन अपने एक अन्य साथी मोहित पाठक को भी घर बुला लाया।

  • सहरसा के गौतम नगर बंफर चौक स्थित घर में भाजयुमो नेता अभिजीत सिंह राजपूत हत्याकांड की गुत्थी सुलझी

  • पटना के बैरिया बस स्टैंड से पकड़े गए जिगरी दोस्त आर्यन सिंह ने कबूला जुर्म—बोला, ‘मैंने ही अभिजीत को मारा’

  • बर्थडे पार्टी के बाद घर में रखी चार पिस्तौलों की सफाई और स्मैक पीने के दौरान बकाये रुपये पर हुआ था खूनी विवाद

  • वारदात के बाद मोबाइल व पिस्टल दरभंगा में फेंककर सिलीगुड़ी भागने की फिराक में था मुख्य आरोपित; दूसरा साथी फरार

इसके बाद विश्वकर्मा पूजा के मौके पर तीनों ने कमरे में बैठकर अपने पास मौजूद कुल चार पिस्तौलों की तेल से सफाई की। हथियारों की सफाई पूरी करने के बाद तीनों ने एक साथ मिलकर स्मैक का नशा किया। नशा चढ़ते ही स्मैक की खरीद-बिक्री के पुराने बकाए पैसों के लेनदेन को लेकर अभिजीत और आर्यन के बीच गाली-गलौज और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

विवाद बढ़ा तो मारी गोली, मोबाइल और पिस्टल दरभंगा में फेंका

कहासुनी के दौरान बात इतनी बिगड़ गई कि आर्यन ने अपने साथी मोहित पाठक के साथ मिलकर कमरे में रखी पिस्तौल से अभिजीत पर ताबड़तोड़ गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपित कमरे में रखे मृतक के मोबाइल, पर्स और हथियार समेटकर फरार हो गए।

हत्या के बाद आर्यन सहरसा से सीधे पटना भाग गया। इस दौरान अभिजीत के परिजनों और परिचितों को गुमराह करने के लिए वह लगातार खुद के दरभंगा में होने और अभिजीत द्वारा फोन न उठाने की झूठी कहानी गढ़ता रहा। पूछताछ में आर्यन ने खुलासा किया कि भागने के दौरान उसने साक्ष्य नष्ट करने के इरादे से अभिजीत का मोबाइल फोन और एक पिस्टल दरभंगा में फेंक दी थी।

फरार मोहित पाठक की तलाश में सघन छापेमारी

पुलिस ने आर्यन की निशानदेही पर दरभंगा से जुड़े एक अन्य संदिग्ध युवक आशुतोष को हिरासत में लिया है, जिससे कड़ी पूछताछ जारी है। वहीं हत्याकांड में शामिल दूसरे मुख्य सहयोगी मोहित पाठक की गिरफ्तारी और दरभंगा में फेंके गए मोबाइल व पिस्टल की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

इस खबर को शेयर करें
WhatsApp Facebook X
Advertisement
Sponsor Ad
Sponsor Ad
Sponsor Ad
Sponsor Ad
Sponsor Ad
Sponsor Ad
Sponsor Ad
Sponsor Ad
🔥 लिमिटेड टाइम स्पेशल ऑफर / वेब डेवलपमेंट

क्या आप अपना खुद का न्यूज़ पोर्टल बनवाना चाहते हैं?

हम आपको देंगे एक फुल-फीचर्ड, सुपर-फास्ट न्यूज़ पोर्टल + शानदार एंड्रॉइड मोबाइल ऐप!