जावेद अख्तर ने पाकिस्तान को दिखाया आईना, जरदारी के ‘3-4% हिंदू’ वाले बयान पर कसा तंज

📅 August 16, 2026 🕒 5:28 pm
अंतिम अपडेट: 16 Oct 2026, 06:46 AM
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Report By Rahul Sharma

नई दिल्ली। जावेद अख्तर ने पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है। यह मामला तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के एक कार्यक्रम का वीडियो सामने आया।

वीडियो में, जरदारी ने दावा किया कि उनका देश और वहां की मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी, देश की 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को बर्दाश्त करती है।

तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में जरदारी ने कहा, ‘भारतीयों का नजरिया अलग है। उनके मन में अपना एजेंडा है। वे अखंड भारत में विश्वास करते हैं, लेकिन इसके बीच बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन्हें वे भूल गए हैं।’

पाकिस्तानी नेता ने कहा कि हम मुसलमान हैं। वे नहीं हैं। लेकिन हम ऐसी सोच वाले मुसलमान हैं जो पाकिस्तान में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को बर्दाश्त करते हैं। वे उतने ही आजाद और खुश हैं जितने वे कहीं और हो सकते थे। वे उनके साथ रहने के बजाए हमारे साथ रहना पसंद करेंगे।

जावेद अख्तर ने जरदारी को कहा ‘मिस्टर 10 परसेंट’

इस भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए, जावेद अख्तर ने एक्स पर एक पोस्ट में जरदारी की ‘मिस्टर 10 परसेंट’ वाली छवि पर तंज कसा। यह तंज पाकिस्तान में उन आरोपों की ओर इशारा करता था जिनके अनुसार ने सरकारी प्रोजेक्ट्स में अपना हिस्सा लेते थे।

जरदारी के 3-4 प्रतिशत हिंदू वाले बयान पर कसा तंज

जावेद अख्तर ने कहा, ‘पाकिस्तान के मिस्टर जरदारी, जो बेनजीर भुट्टो से शादी के बाद चर्चा में आए थे, कहते हैं कि वे अपने देश में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को बर्दाश्त करते हैं। मिस्टर जरदारी, मैं समझता हूं कि आप हमेशा से उन सभी के प्रति असंवेदनशील रहे हैं जिनकी आबादी 10 प्रतिशत से कम है।’

पाकिस्तान की नीतियों की खिलाफत करते रहे हैं जावेद अख्तर

अख्तर अक्सर पाकिस्तान की नीतियों और द्विपक्षीय संबंधों के प्रति उसके रवैये के खिलाफ कड़ी बात कहते रहे हैं। पिछले साल मई में, मुंबई में एक किताब लॉन्च कार्यक्रम के दौरान, अख्तर ने सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकवादियों को अपनी जमीन का इस्तेमा सुरक्षित ठिकाने के तौर पर करने देने के लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की थी।

अख्तर ने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने हमेशा पाकिस्तान के साथ रिश्ते बेहतर करने की सच्ची कोशिशें की हैं। हमने पाकिस्तान और वहां के कलाकारों के साथ सांस्कृतिक संबंध शुरू किए। लेकिन ताली एक हाथ से नहीं बजती, पाकिस्तान ने हालात सुधारने की कभी कोई ठोस कोशिश नहीं की।

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