Report By
Ashish Jha
सहरसा:- वर्तमान दौर में किताबी ज्ञान के साथ लड़कियों में व्यवहारिक और नैतिक शिक्षा का होना भी बेहद जरूरी है। केवल डिग्री हासिल कर लेना ही शिक्षा का पूर्ण उद्देश्य नहीं है। शिक्षा का सही अर्थ अपने ज्ञान का सदुपयोग करना, सही-गलत में अंतर समझना और कठिन परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेना है। ये बातें कवयित्री चांदनी झा ने कहीं। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उच्च डिग्रियां हासिल कर रही हैं, लेकिन कई मामलों में व्यवहारिक ज्ञान और जीवन-मूल्यों की कमी दिखाई देती है। इसके कारण वे कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने में असमर्थ हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति अपने परिवार, समाज और देश के लिए जिम्मेदार नागरिक बन सके। चांदनी झा ने कहा कि अच्छे विचार, व्यवहार और नैतिकता के माध्यम से दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहिए। उन्होंने जातिगत भेदभाव और छुआछूत से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि सभी लोगों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
साथ ही उन्होंने विवाह और पारिवारिक निर्णयों को लेकर माता-पिता और परिवार की भावनाओं को समझने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता कठिन परिस्थितियों में मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं और उनके बेहतर भविष्य के सपने देखते हैं। ऐसे में बेटियों को भी उनके त्याग और संघर्ष को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेम या किसी अन्य निर्णय से पहले जीवन के लक्ष्य और भविष्य के बारे में गंभीरता से विचार करना जरूरी है। उन्होंने बेटियों से अपील की कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने लक्ष्य को हासिल करें और समाज में अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि जो बेटियां कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ना चाहती हैं, उनके रास्ते में बाधा नहीं डालनी चाहिए। ऐसी बेटियां अपने माता-पिता के लिए गर्व का कारण बनें और आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें।
साथ ही उन्होंने विवाह और पारिवारिक निर्णयों को लेकर माता-पिता और परिवार की भावनाओं को समझने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता कठिन परिस्थितियों में मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं और उनके बेहतर भविष्य के सपने देखते हैं। ऐसे में बेटियों को भी उनके त्याग और संघर्ष को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेम या किसी अन्य निर्णय से पहले जीवन के लक्ष्य और भविष्य के बारे में गंभीरता से विचार करना जरूरी है। उन्होंने बेटियों से अपील की कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने लक्ष्य को हासिल करें और समाज में अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि जो बेटियां कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ना चाहती हैं, उनके रास्ते में बाधा नहीं डालनी चाहिए। ऐसी बेटियां अपने माता-पिता के लिए गर्व का कारण बनें और आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें।



