सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवनरक्षक पहल

📅 October 16, 2026 🕒 10:32 am
Reporter
Report By Ashish Jha

सहरसा:-सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा आर्थिक अभाव के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोकने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री राहत योजना (PM RAHAT – Road Accident Victim Hospitalisation and Assured Treatment) प्रारंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उसके जीवन की रक्षा करना है। इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी, सुजीत कुमार बरनवाल ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का मानवीय कर्तव्य है। दुर्घटना के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। इसलिए घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन सेवा एवं पुलिस को सूचना दें। PM RAHAT योजना के अंतर्गत ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार(निःशुल्क)
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि PM RAHAT योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत तथा योजना के लिए अधिकृत अस्पतालों में ₹1,50,000 तक का कैशलेस उपचार अधिकतम सात दिनों की अवधि तक उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके परिवारों को अचानक उत्पन्न होने वाले इलाज के भारी खर्च से राहत प्रदान करना है। दुर्घटना पीड़ितों का उपचार योजना के अन्तर्गत पंजीकृत सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कराया जा सकता है। कोई भी नागरिक, राहगीर अथवा अन्य व्यक्ति दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने एवं उसके उपचार की व्यवस्था करने में सहयोग कर सकता है। आपातकालीन स्थिति में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में अनावश्यक देरी नहीं की जानी चाहिए। आवश्यक पुलिस सत्यापन एवं डिजिटल प्रक्रिया संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।
सहरसा जिले के प्रमुख पंजीकृत अस्पताल जिला परिवहन कार्यालय, सहरसा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में निम्नलिखित अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में योजना के अंतर्गत उपचार की सुविधा के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गई है:
1. जिला अस्पताल, सहरसा।
2. अनुमंडल अस्पताल, सिमरी बख्तियारपुर।
3. सूर्या अस्पताल, सहरसा।
4. प्रांजल श्री अस्पताल, सहरसा।
5. लॉर्ड बुद्धा कोसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सहरसा।
6. श्री नारायण मेडिकल संस्थान एवं अस्पताल, सहरसा।
7. एसआरबी अस्पताल, सहरसा।
8. महावीर सबलाइम हॉस्पिटल, सहरसा।
9. नयन ज्योति नेत्र चिकित्सा केंद्र, सहरसा।
10. जिले के सभी प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल क्या करें?
जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर निम्नलिखित कदम उठाएं:
• तत्काल आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल करें तथा पुलिस को दुर्घटना की सूचना दें।
• घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें।
• घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराकर शीघ्र उपचार शुरू कराएं।
• दस्तावेजों अथवा आर्थिक सहायता की प्रक्रिया के कारण आपातकालीन उपचार में देरी न होने दें।
• दुर्घटनास्थल पर भीड़ लगाने अथवा वीडियो बनाने के बजाय घायल व्यक्ति की सहायता को प्राथमिकता दें।
• गर्दन या रीढ़ में चोट की आशंका होने पर घायल व्यक्ति को अनावश्यक रूप से न हिलाएं और आपातकालीन सेवा के निर्देशों का पालन करें।
गोल्डन ऑवर में उपचार शुरू होने से घायल व्यक्ति की जान बचने की संभावना बढ़ सकती है।
घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नेक राहगीरों को ₹25,000 तक पुरस्कार
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा नेक राहगीर (Good Samaritan) पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। लागू दिशा-निर्देशों एवं पात्रता के अनुसार, घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले पात्र नेक राहगीर को ₹25,000 तक की पुरस्कार राशि प्रदान की जा सकती है। ऐसे नागरिकों को 15 अगस्त एवं 26 जनवरी के अवसर पर जिला स्तर पर सम्मानित करने का भी प्रावधान है। इस व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों को सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना तथा दुर्घटना के बाद समय पर अस्पताल पहुंचाने की सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए अन्य सहायता एवं मुआवजे के प्रावधान जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों एवं मृतकों के आश्रितों को राहत प्रदान करने के लिए विभिन्न सहायता एवं मुआवजा व्यवस्थाएं लागू हैं। संबंधित योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार आवेदन निम्नलिखित कार्यालयों में दिया जा सकता है।
(क) PM RAHAT योजना से अपंजीकृत अस्पताल में उपचार
योजना के अंतर्गत अपंजीकृत अस्पताल में उपचार कराने वाले गंभीर रूप से घायल पात्र व्यक्ति के मामले में निर्धारित शर्तों एवं नियमों के अनुसार ₹50,000 तक की सहायता का प्रावधान होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं उपचार संबंधी साक्ष्यों के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच के उपरांत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC), भारत द्वारा भुगतान किया जाता है। इस सहायता की वर्तमान पात्रता एवं प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित प्राधिकारी से की जानी चाहिए।
(ख) नॉन-हिट एंड रन दुर्घटना में मृत्यु
ऐसे सड़क दुर्घटना मामलों में, जिनमें दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान हो जाती है, मृतक के पात्र आश्रित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) में मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुआवजे का निर्धारण लागू कानून, प्रस्तुत साक्ष्यों, न्यायाधिकरण के निर्णय तथा संबंधित बीमा पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
सहरसा जिले के संबंधित पीड़ित अथवा उनके आश्रित मुआवजे के लिए सक्षम मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT), सहरसा में आवेदन कर सकते हैं।
(ग) हिट एंड रन दुर्घटना में मृत्यु
हिट एंड रन मामले में दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान नहीं हो पाने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया एवं पात्रता के अनुसार मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 तक मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।
इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित प्रपत्रों के साथ जिला परिवहन कार्यालय, सहरसा में आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। आवेदन की जांच एवं स्वीकृति संबंधित नियमों के अनुसार की जाएगी।
(घ) बिहार में सामूहिक सड़क दुर्घटना में मृत्यु
बिहार सरकार के लागू प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार सामूहिक सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को ₹4,00,000 तक की अनुग्रह अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है।
इस सहायता के लिए मृतक के आश्रित संबंधित अंचल कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
उपर्युक्त सभी सहायता एवं मुआवजा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित नियमों के अनुसार दुर्घटना संबंधी रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाणपत्र अथवा चिकित्सकीय अभिलेख, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। वास्तविक पात्रता, स्वीकृत राशि एवं भुगतान की प्रक्रिया संबंधित सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अधीन होगी।
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें
जिला परिवहन पदाधिकारी, सहरसा, श्री सुजीत कुमार बरनवाल ने जिले के सभी वाहन चालकों एवं आम नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।
• दोपहिया वाहन चलाते समय मानक हेलमेट अवश्य पहनें।
• चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें।
• नाबालिग बच्चों को मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें।
• वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र एवं ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें।
• निर्धारित गति सीमा का पालन करें तथा नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं।
• वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें।
• यातायात संकेतों एवं सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। सावधानीपूर्वक वाहन चलाकर दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है तथा स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन की भी रक्षा की जा सकती है।
जिला परिवहन पदाधिकारी की अपील
जिला परिवहन पदाधिकारी, सहरसा, श्री सुजीत कुमार बरनवाल ने कहा:
“सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं, 112 नंबर पर सूचना दें तथा गोल्डन ऑवर में उपचार सुनिश्चित कराने में सहयोग करें। PM RAHAT योजना के अंतर्गत घायल व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। किसी की जान बचाने के लिए आगे आएं, क्योंकि आपका एक कदम किसी परिवार की खुशियां बचा सकता है।”
जिला परिवहन कार्यालय, सहरसा
जनहित संदेश: सड़क सुरक्षा अपनाएं — जीवन बचाएं। दुर्घटना पीड़ित की मदद करें — मानवता का परिचय दें।

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