इलाहाबाद विश्वविद्यालय और कोलकाता हावड़ा के प्रोफेसर ने दिया व्याख्यान
मधेपुरा/सहरसा:-स्थानीय ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय स्थित स्मार्ट क्लास रूम में चल रहे छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे दिन शुक्रवार को दो विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। जिनमें प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के भूगोल विभाग की प्रोफेसर डॉ. रुचिका सिंह रहीं। उन्होंने रिसर्च एथिक्स एंड इंटीग्रिटी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कोर एथिकल प्रिंसिपल रिस्पेक्ट फॉर पर्सन, बेनिफिसेंस नॉन मेलेफिसेंस और जस्टिक्स पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि रिस्पॉन्सिबल रिसर्च के लिए एथिक्स और इंटीग्रिटी दोनों जरूरी हैं। वही द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, हावड़ा के गणित विभाग के प्रो. गुरुप्रसाद सामंता रहे। उन्होंने पब्लिकेशन एथिक्स एंड रिस्पॉन्सिबल आथूरशिप तथा एआई असिस्टेड रिसर्च, ओपन साइंस एंड फ्यूचर रिसर्च ट्रेड्स पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि एक शोधकर्ता की सबसे मूल्यवान संपत्ति उसके प्रकाशनों की संख्या नहीं, बल्कि उसके कार्य पर वैज्ञानिक समुदाय का विश्वास है।
महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. डॉ. कैलाश प्रसाद यादव ने बताया कि दोनों सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक रहे।
महाविद्यालय के अर्थपाल डॉ. रतनदीप ने कहा कि इस तरह के एफडीपी से शिक्षकों में शोध की गुणवत्ता और नैतिकता को लेकर नई समझ विकसित होती है। इस अवसर पर डॉ. वीणा कुमारी, डॉ. मनोज कुमार यादव, सीनेटर डॉ. दीपक कुमार राणा, डॉ. उपेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. मधुनंदा, डॉ. स्वर्णमणि, डॉ. विनय कुमार, डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, डॉ. गुड्डू कुमार, डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. संजीव कुमार सुमन, डॉ. प्रियंका भारती, डॉ. चंद्रदीप नंदलाल यादव, डॉ. विजय कृष्ण, डॉ. भारती कुमारी, डॉ. मिंटू कुमार मेनन, डॉ. यासमीन रशीदी, डॉ. मनोज कुमार ठाकुर, डॉ. शहरयार अहमद, डॉ. हरित कृष्णा, डॉ. संजय कुमार, डॉ. संतोष कुमार सेठी, डॉ. अंकेश कुमार, डॉ. बैजबंश कुमार, डॉ. मुकुंद कुमार, डॉ. सीमा कुमारी, डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. विदुषी भारती, डॉ. प्रीति, डॉ. मीनू सोढ़ी, अनामिका सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन एफडीपी कोऑर्डिनेटर डॉ. मिथिलेश कुमार एवं असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. कुमार गौरव ने किया। प्रथम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. स्वर्णमणि एवं द्वितीय सत्र का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मीनू सोढ़ी द्वारा किया गया। तकनीकी सहायता डॉ. मनीष और मीडिया कवरेज डॉ. मनोज ठाकुर ने दिया।



