सहरसा:-जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक, दशहरा पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा। दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी, सहरसा श्री दीपेश कुमार (भा.प्र.से.) एवं पुलिस अधीक्षक, सहरसा श्री विक्रम सिहाग की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दशहरा पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण, आम नागरिकों की सुरक्षा तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी निर्धारित समय पर अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर योगदान देना सुनिश्चित करेंगे। वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति के सदस्यों एवं स्थानीय नागरिकों से समन्वय स्थापित कर क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेंगे तथा पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में आमजन का सहयोग प्राप्त करेंगे। संवेदनशील एवं सांप्रदायिक तनाव की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। बैठक में बिहार विधान परिषद के कोशी स्नातक निर्वाचन के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता का सभी पूजा पंडालों एवं संबंधित आयोजनों में अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी पूजा समितियां निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी परिस्थिति में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो। जिलाधिकारी ने रावण पुतला दहन स्थलों पर सुरक्षित दूरी निर्धारित करने एवं बैरिकेडिंग कराने के साथ आयोजन समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रयाप्त निकास द्वार की व्यवस्था करने और सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त अनुमति के अनुरूप ही कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि दशहरा पर्व के दौरान लड़कियों एवं महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। पूजा पंडालों, मेले एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्ती तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाएं एवं लड़कियां सुरक्षित वातावरण में पर्व में शामिल हो सकें। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन, पार्किंग स्थल एवं नो-पार्किंग क्षेत्रों को पूर्व से चिह्नित कर आवश्यक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रतिमा विसर्जन जुलूसों के लिए निर्धारित मार्ग एवं समय का अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा प्रत्येक जुलूस के साथ पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया। प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों को जुलूस में शामिल लोगों के सुरक्षित लौटने तक अपने निर्धारित स्थल पर बने रहने को कहा गया। संबंधित नगर निकायों के पदाधिकारियों एवं सभी अंचलाधिकारी को विसर्जन स्थलों, तालाबों एवं नदी घाटों का निरीक्षण करने, आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग कराने तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता के अनुसार गश्ती दल एवं विसर्जन मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे। प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर कम ऊंचाई वाले विद्युत तारों, पंडालों तथा अन्य अवरोधों का पूर्व सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, सहरसा को दिया गया।सिविल सर्जन, सहरसा को आवश्यक दवाओं के साथ एम्बुलेंस, चिकित्सा पदाधिकारी एवं पारा मेडिकल कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया। वहीं, अग्निशमन पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार अग्निशमन वाहन और अग्निशमन दल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी तत्परता, जवाबदेही एवं आपसी समन्वय के साथ करने का निर्देश दिया, ताकि दशहरा पर्व जिले में शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। उक्त अवसर पर अपर समाहर्ता सहरसा, आयुक्त,नगर निगम सहरसा, विशेष कार्य पदाधिकारी सहित संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।



