पूर्व चुनाव आयुक्तों को राजनीतिक पुरस्कार देने वाली कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब:-गौरव ठाकुर
सहरसा:-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के फायरब्रांड छात्र नेता गौरव ठाकुर ने दिल्ली में हो रहे आंदोलन पर निशाना साधते हुए संवैधानिक संस्थाओं के राजनीतिकरण को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। छात्र नेता गौरव ठाकुर ने कहा कि देश के लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है। छात्र नेता गौरव ठाकुर ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संस्था के मुखिया रहे डॉ. एम. एस. गिल को सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद राज्यसभा की सीट और केंद्रीय खेल मंत्री का पद सौंप दिया गया। यह सीधे तौर पर देश की युवा पीढ़ी और छात्रों के सामने एक गलत मिसाल पेश करता है कि ईमानदारी की जगह राजनीतिक वफादारी को पुरस्कृत किया जाएगा। गौरव ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने अपने दशकों लंबे शासन में टी. एन. शेषन जैसे अधिकारियों को भी सेवानिवृत्ति के बाद लोकसभा चुनाव का टिकट थमाया और आर. के. त्रिवेदी जैसे पूर्व आयुक्तों को राज्यपाल बनाया। कांग्रेस ने हमेशा युवाओं के सामने यह साबित करने की कोशिश की कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग भी अंततः किसी एक दल की विचारधारा की सेवा करते हैं। छात्र नेता ने तीखा तंज कसते हुए कहा आज की कांग्रेस हर बात पर देश के लोकतंत्र और संस्थाओं की स्वायत्तता खतरे में होने का झूठा रोना रोती है।
लेकिन हकीकत यह है कि देश में संस्थाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने की शुरुआत खुद कांग्रेस ने की थी। जब आप देश के सबसे बड़े चुनाव अधिकारी को अपनी पार्टी का मंत्री बना देते हैं, तो आप आने वाली पीढ़ी को क्या संदेश दे रहे हैं। छात्र नेता गौरव ठाकुर ने स्पष्ट किया कि आज का जागरूक छात्र और युवा वर्ग कांग्रेस की इस अवसरवादी राजनीति को समझ चुका है। युवा देश में ऐसी पारदर्शी व्यवस्था चाहते हैं जहाँ संवैधानिक पदों पर बैठे लोग पूरी तरह निष्पक्ष रहें और सेवानिवृत्ति के बाद किसी राजनीतिक लाभ के लिए लालायित न दिखें। सरकार को ऐसी व्यवस्थाओं पर रोक लगानी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर देश के युवाओं का अटूट विश्वास बना रहे।



